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Showing posts from April, 2018

मैं सीख रहा हूं।

*मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि...* मुझे हर उस बात पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए ॥ जो मुझे चिंतित करती है।  *मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि...* जिन्होंने मुझे चोट दी है।  मुझे उन्हें चोट नहीं देनी है॥  *मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि...* शायद समझदारी का सबसे बड़ा लक्षण  भिड़ जाने के बजाय अलग हट जाने में है।  *मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि...* अपने साथ हुए प्रत्येक बुरे बर्ताव पर  प्रतिक्रिया करने में मेरी जो ऊर्जा खर्च होती है | वह मुझे शिथिल कर देती है। इतना ही नहीं वो मुझे  दूसरी अच्छे कार्यों में प्रवृत्त होने में भी  बाधा बनती है॥  *मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि...* मैं हर आदमी से वैसा व्यवहार नहीं पा सकूँगा । जिसकी मैं अपेक्षा करता हूँ । या मैं उसके साथ जैसा व्यवहार करता हूँ।   *मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि...* किसी का दिल जीतने के लिए  बहुत कठोर प्रयास करना समय और  ऊर्जा की बर्बादी है  और यह आपको कुछ नहीं देता,  केवल खालीपन से भर देता है।  *मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि......