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Showing posts from November, 2017
*पहाड़ जितना झूठ आदमी मुँह से गटक जाता है..पर* *राई जितना सत्य उसके गले मे अटक जाता है??*
*"वक़्त" और "अध्यापक" दोनों हमें सिखाते हैं। पर दोनों में फर्क सिर्फ इतना है कि...* *"अध्यापक" सिखा कर "परीक्षा" लेते हैं और "वक़्त" परीक्षा ले कर "सिखाता" है।*
"भरोसा जितना कीमती होता है...   धोखा उतना ही महंगा हो जाता है फूल  कितना भी सुन्दर हो तारीफ  खुशबू से होती है इंसान  कितना भी बड़ा हो कद्र  उसके गुणों से होता है"..
"दर्द कितना खुशनसीब है  जिसे पा कर लोग  अपनों को याद करते हैं,  दौलत कितनी बदनसीब है  जिसे पा कर लोग अक्सर अपनों को भूल जाते हैं..."
“समय जिसका साथ देता है वो बड़ों बड़ों को मात देता है।" अमीर के घर पे बैठा 'कौवा' भी सबको 'मोर' लगता है .. और..  गरीब का भूखा बच्चा भी सबको 'चोर' लगता है.. इंसान की  अच्छाई  पर,        सब खामोश  रहते हैं... चर्चा अगर उसकी बुराई पर हो,     तो गूँगे भी बोल पड़ते हैं..!!!
गुणों के सहारे ही व्यक्ति सफल हो पाता है मगर विनय और विवेक साथ हो तो शिखर छू जाता है! जब हम अकेले हों तब अपने विचारों को संभालें…. और जब हम सबके बीच हों तब अपने शब्दों को संभालें…...